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चित्रकूट की सम्पूर्ण यात्रा का वृत्तान्त रूट, स्थानों और बजट की जानकारी (2020) भाग -3

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  दुसरे भाग से आगे...... 👉 Click on the Link :- चित्रकूट की सम्पूर्ण यात्रा का वृत्तान्त रूट, स्थानों और बजट की जानकारी (2020) भाग -2   👉 Click on the Link :- चित्रकूट की सम्पूर्ण यात्रा का वृत्तान्त रूट, स्थानों और बजट की जानकारी (2020) भाग -1                                         सती अनुसुइया आश्रम   रामघाट से लगभग 12 Km, हनुमान धारा से लगभग 15 Km और कामदगिरी पर्वत से लगभग 18 Km की दुरी पर घने जंगलों और बड़े-बड़े पहाड़ों के बीच खुबसूरत रास्तों के बीच से होते हुए मन्दाकिनी नदी के किनारे पर एक बहुत ही आनन्दित करने वाला स्थान है जिसका नाम है, “ सती अनुसुइया आश्रम” | अनुसुइया माता महर्षि अत्रि की धर्म-पत्नी एवं दत्तात्रेय भगवान की माता थी, माता अनुसुइया को त्रिदेवों ब्रम्हा, विष्णु, महेश की माता भी कहा जाता है क्यूंकि उन्होंने तीनों को बाल रूप में परिवर्तित करके शिशु रूप में पालना झुलाया था और भोजन भी कराया था तथा माता अनुसुइया ने माता सीता को पति-पत्नी के संबंधों का सार ...

चित्रकूट की सम्पूर्ण यात्रा का वृत्तान्त रूट, स्थानों और बजट की जानकारी (2020) भाग -2

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कामदगिरी पर्वत पिछले भाग से आगे...... 👉Click on the Link :-   पिछला भाग देखने के लिए यहाँ क्लिक करें रामघाट पर स्नान करने के बाद यहीं पर बना हुआ मत्यगयेन्द्र नाथ जी मंदिर में दर्शन किया जाता है | इस मंदिर में चार शिवलिंग उपस्थित है और भारत में यही एक मात्र ऐसा स्थान जहाँ 4 शिवलिंग के एक साथ दर्शन होते हैं, इन चार शिव लिंग में से पहला शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ जिसको स्वयम्भू कहा जाता है दुसरे शिवलिंग की स्थापना श्री ब्रह्मा जी ने तीसरे शिवलिंग की स्थापना श्री राम चन्द्र जी ने और चतुर्थ शिवलिंग की स्थापना महर्षि अगस्त्य ने की थी | मत्यगयेन्द्र नाथ जी को चित्रकूट के राजा के रूप में माना जाता है इसलिए सबसे पहले यहाँ पे दर्शन करके तब चित्रकूट यात्रा प्रारम्भ की जाती है |                           चित्रकूट का सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण स्थान है कामदगिरी पर्वत | इस पर्वत की दूरी रामघाट से लगभग 3 Km है | यहाँ जाने के लिए रामघाट से ऑटो टैक्सी या E-Rickshaw कर सकते जि...